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राजचिन्ह & मुस्कुराइए कि आप कैमरे पर हैं

by Sourav Roy
9 July 2021

 राजचिन्ह 

निर्बाध दाढ़ी वाले चार शेर

पीठ टिकाकर बैठे

घोड़े

बैल

और पहिये पर

मेरे देश का राजचिन्ह है।

 

एक शेर पर्याप्त है

श्रीलंका के लिये

तीन पैर पर खड़ा

चौथे से तलवार पकड़े।

 

मलेशिया बाघ है

सिंगापुर की मुहरों पर

खड़ा है शेर के साथ

शेर का बैनर लिये।

 

और तो और

बुल्गारिया की मुहर पर तीन शेर हैं

बैनर के दो तरफ दो जो मुस्कुराते हुए एक से दीखते हैं

और बैनर पर तीसरा

पंजे हवा में लहराता

अपने आप से लड़ता हुआ।

 

हालाँकि पूरे यूरोप में शेर विलुप्त हो चुके हैं

ब्रिटेन की राजकीय मुहर पर

नौ शेर हैं

बैनर पकड़ा हुआ एक

सात बैनर में

और बैनर के ऊपर रखे मुकुट पर बैठा नौवा

जिसने अपना अलग मुकुट पहन रखा है।

 

राजा शेर हैं

बाकी सब शिकार।


 

मुस्कुराइए कि आप कैमरे पर हैं

मैंने कोका कोला खरीदा है

जिसे जितना गटकिये उतनी बढ़ जाती है प्यास

बशर्ते इसके गर्म होने से पहले

हम खाली कर दें बोतल

 

मैंने ऐपिटायज़र खरीदा है

जिसे हम खाते हैं खाने से पहले

ताकि और खाना खा सकें

 

यहाँ बूढ़े लाठी नहीं

चलते हैं शॉपिंग कार्ट के सहारे

और डायपर पहना अधेड़ बच्चा

झूलता है दो काउंटरों के बीच

बैठा उकडूँ

 

बच्चे को क्या पता

सबके जीवन में आता है वो क्षण

जब माँऐं उन्हें उतार देती हैं गोद से

फिर कभी नहीं उठाने के लिये।

 

मैं क्रेडिट कार्ड से रेंत सकता हूँ किसी का गला

मैं सरकार नहीं चुन सकता

इसलिए पांच सौ पिछत्तर विकल्पों से लड़-झगड़कर

मैंने चुना है टूथपेस्ट

 

आप भी

मुस्कुराइए ।


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Illustration by Nadhir Nor

About the Author

Sourav Roy

Sourav Roy is a journalist, Hindi poet, translator and educator. He is the founding editor of Bengaluru Review magazine, has worked as a visiting faculty member at Azim Premji University and NIFT Bengaluru and is currently teaching at Head Start Educational Academy. His published books include Yayavar (collection of poems), Karnakavita (editor: anthology of Hindi-Urdu […]

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